सौभाग्य की कुंजी !

पुराने नियम के विश्वासीओ को परमेश्वर के वायदों और वाचाओं को बहुत लाभ था। उनकी परमेश्वर के प्रति विश्वसनीयता उनके सौभाग्य की कुंजी थी। आज जब क्रोना की महामारी फैली है और कोई हल नज़र नहीं आता तो परमेश्वर के यह वायदे हमारे अंदर साहस , उत्साह और आशा को उत्पन्न्न कर सकते है। उदहारण के तौर पर वचन में लिखा है।
व्यवस्थाविवरण 33 :26 – इस्राल के परमेश्वर जैसा कोई भी नहीं , वह स्वर्ग से अपने राजकीय वैभव से उतरता है जिससे वह तुम्हे (हर बाइबिल के विश्वासी को) हर तरह की सहायता पहुंचा सके। अन्नत काल का परमेश्वर तुम्हारा शरणस्थान है और निचे उसकी हमेशा कायम रहने वाली भुजाये है। वह तुम्हारे शत्रुओ को तुम्हारे सामने कुचल डालता है और वही कहता है “उनका नाश कर डालो ” इसलिए इस्राल सुरक्षित बसा रहता है।

2 इतिहास 11 -12 -तब आसा ने परमेश्वर को पुकारा और कहा आपके अलावा कोई भी ऐसा परमेश्वर नहीं जो असहाय को शक्तिशाली से बचा सके। हमारी सहायता कर क्योकि हम केवल तुझ पर भरोसा करते है और आप ही के नाम के कारण हम इस बड़ी सेना के सामने खड़े है। हे परमेश्वर मनुष्य तेरे सामने ना टिक पाए। इसलिए परमेश्वर ने ईथोपीनो को आसा और उसकी सेना के समक्ष हराया और वह बुरी तरह से भागे।

नए नियम में इफिसिओ की पत्री के ६ठे अध्याय में आत्मिक युद्ध की प्रेरणा दी गयी है और इसका लड़ना हमें रोजमर्रा की ज़िंदगी में जीत दिला सकती है। परमेश्वर का हर दास और दासी अपने प्रभाव के दायरे में विजय को पा सकते है अगर वह अन्नत काल वाले परमेश्वर की भुजाओ के निचे शरण पाए।

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