तहेदिल से प्रायश्चित !

जब क्रोना वायरस का बोलबाला हर मीडिया और  हर देश के लोगो के मुंह पर है और कई तरह के अनुमान, विचारधाराएं, डॉक्टरों के विश्लेषण सोशल मीडिया पर पढ़ने और सुनने को मिलते है और संकट से बाहर निकलने का कोई आसान तरीका नहीं आता। हज़ारो की रोटी चली गयी, लोग सफर नहीं कर पा रहे और सबकुछ अस्त व्यस्त होता जा रहा है तो बाइबिल का विश्वासी क्या करे ? बाइबिल यह कहती है कि वह परमेश्वर का यह स्मरण दिलाये जो हबक्कूक ३:२ में लिखा है ,” हे परमेश्वर , मैंने तुम्हारी प्रसिद्धि के बारे में सुना है, मैं आपको कामो को सुनकर डर से काँप जाता हूँ, प्रभु उन्हें फिर से हमारे समय में करो और आपने क्रोध में दया को मत भूलो !” तहेदिल से प्रयाश्चित और विलाप हर देश के लिए आवश्यक हो गया है। परमेश्वर का  क्रोध अत्याचार , अन्याय ,हिंसा , बलात्कार , चोरी , रिश्वत , अश्लीलता, सत्ता का दुरूपयोग और हर किसम की अश्लीलता  के रूप में विश्व भर में नज़र आ रहा है।  सबसे बड़ा वायरस पाप है जिसकी सजा मौत है। लोग परमेश्वर के भय से दूर चले गए है और पैसे से स्वास्थ्य ,खुशहाली और शांति को खरीदना चाहता है जो संभव नहीं। अगर कोई मनुष्य, समाज और देश सही परमेश्वर के ज्ञान को जानते हुए उसका तिरस्कार करता है और झूठे आडम्बर के धरम क्रम में फंसा रहता है तो वह बस धार्मिक बन कर रह जाता है। धर्म मनुष्य को रीति रिवाज़ो का गुलाम बनाता है परन्तु परमेश्वर उसे पापो और मृत्यु दोनों से आज़ाद करता है। गुड फ्राइडे के दिन येशु मसीह जो परमेश्वर के पुत्र थे हमारे पापो से  लिए मरे और ईस्टर के दिन हमें मौत के शाप से निकलाने के लिए मुर्दो से ज़िंदा हो उठे और पाप और मौत दोनों ही से स्वतंत्रता हमें उसके द्वारा मिली जो हमारे सबसे बड़ा दुश्मन है। क्रोना वायरस हर समाज और देश के लिए परमेश्वर के भेजे हुए न्याय की निशानी है और अगर हम मध्यस्था की प्राथना करके परमेश्वर की दया की पैरवी करते है तो सबकुछ फिर सामान्य हो जायेगा। मूसा और दाऊद दोनों उसके गुस्से को दया में बदलवाने में सफल हुए थे और हम भी ऐसा करवा सकते है।
अमरजी , सबका रेडियो 

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